चलो फिर से आज वो नजारा याद करले,
शहीदों के दिलो में थी वो ज्वाला याद करले,
जिसमे बहकर आजादी पहुची थी किनारे पे,
देशभक्ति के खून की वो धारा याद करले....!!
जय हिन्द वन्देमातरम् 🇮🇳
॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...
No comments:
Post a Comment