अब बताओ भला,पास किचन में रखी गाजर हलवा तो खाई न जा रही
३००० कि.मी. दूर से उनका दिमाग कैसे खा सकता हूं
फेंकने की भी हद होती है
॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...
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