Wednesday, July 31, 2019

पैगाम दे डाला

तुम्हें गर चाँद न कहते भला  फिर और क्या कहते,
तुम्हारी इक झलक ने हमको यूँ मदहोश कर डाला...!
ग़ज़ब का हुस्न चिल्मन में गज़ब क़ातिल अदाएँ हैं,
झुका   कर  आपने  पलकें  खुला  पैगाम दे डाला...!!

No comments:

Post a Comment

सरस्वती वंदना

॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...