गुजारिश हमारी वह मान न सके,
मज़बूरी हमारी वह जान न सके,
कहते हैं मरने के बाद भी याद रखेंगे,
जीते जी जो हमें पहचान न सके
©पं.खेमेश्वर पुरी गोस्वामी®
मुंगेली छत्तीसगढ़
सत्य की राह दिखाई, अज्ञान की रात मिटाई। कबीर वाणी में है सार, प्रेम का किया प्रसार। छुआछूत का भेद तोड़ा, राम नाम से नाता जोड़ा। ऐसे संत कबीर म...
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