*🚩✍️मेरी कलम से*
*🚩बुढापे मे आपको रोटी, आपकी औलाद नहीं.*
*आप के दिये हुए संस्कार खिलाएँगे.*
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॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...
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