*🚩✍️मेरी कलम से*
*🚩बुढापे मे आपको रोटी, आपकी औलाद नहीं.*
*आप के दिये हुए संस्कार खिलाएँगे.*
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॥ भारतवर्ष महात्म्य स्तोत्रम् ॥ हिमालयोत्तमा यस्य शिरोदेशे विराजते। सागरो यत्पदाम्भोजौ प्रक्षालयति नित्यशः ॥ १ ॥ पुण्यभूमिः सुविस्तारा भारतं...
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