Thursday, October 17, 2019

आज का सुविचार

*"रिश्ता" और  "भरोसा"*
*दोनो ही दोस्त हैं…!*
*"रिश्ता" रखो या ना रखो…*
*किंतु….*
*"भरोसा" जरूर रखना..!*
*क्यों की जहाँ  "भरोसा" होता है…*
*वहाँ "रिश्ते" अपने आप बन जाते हैं ...!!*

No comments:

Post a Comment

सरस्वती वंदना

॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...