*✍🏻इंसान का स्वभाव...*
*क़ुछ इस तरह है....*
*जो लेकर जाना है...*
*उसे छोड़ रहा है...*
*जो यहीं रह जाना है.. .*
*उसे जोड़ रहा है*...!*
🌹🙏🏻 **सुप्रभात* 🙏🏻🌹
॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...
No comments:
Post a Comment