*"सृष्टि कितनी भी परिवर्तित हो जाए किन्तु फिर भी हम पूर्ण सुखी नहीं हो सकते...!*
*परंतु*
*दृष्टि थोड़ी सी परिवर्तित हो जाए तो हम सुखी हो सकते हैं।*
*"जैसी दृष्टी-वैसी सृष्टि"*
🌹🌼 *सुप्रभात* 🌼🌹
योग का प्रकाश तन-मन को जो करे स्वस्थ, योग वही वरदान है, सच्ची शांति और खुशी का, यही सही विधान है। बीमारी को दूर भगाए, नई शक्ति का संचार कर...
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