Saturday, October 19, 2019

आज का संदेश

*हसरते कुछ औऱ है*
     *वक़्त की इल्तजा कुछ*
               *औऱ है*

          *कौन जी सका*
          *जिंदगी अपने*
             *मुताबिक*
       *दिल चाहता कुछ*
               *ओर है*
        *होता कुछ ओऱ है*

🙏 शुभ प्रभात🙏
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

No comments:

Post a Comment

कबीरदास जी को समर्पित

सत्य की राह दिखाई, अज्ञान की रात मिटाई। कबीर वाणी में है सार, प्रेम का किया प्रसार। छुआछूत का भेद तोड़ा, राम नाम से नाता जोड़ा। ऐसे संत कबीर म...