*हसरते कुछ औऱ है*
*वक़्त की इल्तजा कुछ*
*औऱ है*
*कौन जी सका*
*जिंदगी अपने*
*मुताबिक*
*दिल चाहता कुछ*
*ओर है*
*होता कुछ ओऱ है*
🙏 शुभ प्रभात🙏
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सत्य की राह दिखाई, अज्ञान की रात मिटाई। कबीर वाणी में है सार, प्रेम का किया प्रसार। छुआछूत का भेद तोड़ा, राम नाम से नाता जोड़ा। ऐसे संत कबीर म...
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