*हसरते कुछ औऱ है*
*वक़्त की इल्तजा कुछ*
*औऱ है*
*कौन जी सका*
*जिंदगी अपने*
*मुताबिक*
*दिल चाहता कुछ*
*ओर है*
*होता कुछ ओऱ है*
🙏 शुभ प्रभात🙏
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॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...
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