Sunday, October 6, 2019

आज का सुविचार

*अजीब खेल है उस परमात्मा का*
         *लिखता भी वही है*
          *मिटाता भी वही है*
*भटकाता है राह तो*
*दिखाता भी वही है*
        *उलझाता भी वही है*
        *सुलझाता भी वही है*
*जिंदगी की मुश्किल घड़ी में*
*दिखता भी नहीं मगर*
        *साथ देता भी वही हैं*
             💞
*🙏   सुप्रभात🙏*

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।। भारतवर्ष महात्म्य स्तोत्रम ।।

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