दो बातें उनसे की तो दिल का दर्द खो गया,
लोगो ने हमसे पूछा तुमको क्या हो गया,
हम तो बस यूँ ही मुस्कुरा कर रह गये,
अब कैसे कहें हमे भी किसी से प्यार हो गया।
श्रावणमासमाहात्म्यस्तोत्रम् (खेमेश्वर पुरी कृत) नमस्तस्मै महेशाय भक्तानां वरदायिने। श्रावणस्य च मासानामधिपाय कपर्दिने॥ श्रावणो मङ्गलो मासः...
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