*‼तेरी चौखट से सिर उठाऊं तो बेवफा कहना;*‼
*‼तेरे सिवा किसी और को चाहूँ तो बेवफा कहना;*‼
*‼मेरी वफाओं पे शक है तो खंजर उठा लेना;*‼
*‼शौंक से मर ना जाऊं तो बेवफा कहना।*‼
श्रावणमासमाहात्म्यस्तोत्रम् (खेमेश्वर पुरी कृत) नमस्तस्मै महेशाय भक्तानां वरदायिने। श्रावणस्य च मासानामधिपाय कपर्दिने॥ श्रावणो मङ्गलो मासः...
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