धर्म की रक्षा के लिए अपने अंदर करंट पैदा करो...
क्योंकि जिन तारो मे करंट नहीं होती
उस पर लोग कपड़े बनियान सुखाते हैं...!
©पं. खेमेश्वर पुरी गोस्वामी®
मुंगेली छत्तीसगढ़
श्रावणमासमाहात्म्यस्तोत्रम् (खेमेश्वर पुरी कृत) नमस्तस्मै महेशाय भक्तानां वरदायिने। श्रावणस्य च मासानामधिपाय कपर्दिने॥ श्रावणो मङ्गलो मासः...
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