*"ना फिसलो इस उम्मीद में,*
*कि कोई तुम्हें उठा लेगा,*
*सोच कर मत डूबो दरिया में,*
*कि तुम्हें कोई बचा लेगा,*
*ये दुनिया तो एक अड्डा है*
*तमाशबीनों का दोस्तों,*
*अगर देखा तुम्हें मुसीबत में,*
*तो हर कोई यहां मज़ा लेगा।"*
🌸 सरस्वती वंदना एवं बसंत स्वागत 🌸 वीणा की झंकार से, गूँज उठा संसार, ब्रह्मा की उस सृष्टि को, मिला दिव्य उपहार। अज्ञान का तिमिर मिटे, ज्ञान...
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