🎋 *मंज़र धुंधला हो सकता है,* *मंज़िल नहीं..!*
*दौर बुरा हो सकता है,* *ज़िंदगी नहीं..*🎋 *छल में बेशक बल है* *लेकिन* *प्रेम में आज भी हल है..* 🍃🌹 *सुप्रभात* 🌹🍃
॥ भारतवर्ष महात्म्य स्तोत्रम् ॥ हिमालयोत्तमा यस्य शिरोदेशे विराजते। सागरो यत्पदाम्भोजौ प्रक्षालयति नित्यशः ॥ १ ॥ पुण्यभूमिः सुविस्तारा भारतं...
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