*खुशियों के लिए क्यों*
*किसी का इंतज़ार,*
*आप ही तो हो अपने*
*जीवन के शिल्पकार !*
*चलो आज मुश्किलों को हराते हैं*
*और दिन भर मुस्कुराते हैं !!*
🍁🍁 *सुप्रभात* 🍁🍁
॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...
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