*एक समय था*
*जब "मंत्र" काम करते थे.*
*उसके बाद*
*एक समय आया*
*जब "तंत्र" काम करते थे.*
*फिर समय आया*
*जिसमे "यंत्र" काम करते थे.*
*और*
*आज के समय में कितने दुःख की बात है.*
*सिर्फ*
*"षड्यंत्र" काम करते है.*
*जब तक "सत्य" घर से बाहर निकलता है.*
*तब तक "झूठ" आधी दुनिया घूम लेता है.!*
*🙏शुभ: प्रभात🙏*
Sunday, October 20, 2019
आज का संदेश
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
सरस्वती वंदना
॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...
-
शिवजी की पंचवक्त्र पूजा हिन्दू सनातन धर्मका सबसे बड़ा पर्व उत्सव मतलब महाशिवरात्रि। इस महारात्रि के मध्य समय ( रात्रि के 12 बजे ) वो ही ये ...
-
गोस्वामी की शव की संस्कार पुत्र या शिष्य,कुल रीति से संस्कार करें। शुद्ध जल से स्नान,भभुति, पुष्प आदि से पुजा करें! चमकाध्याय व नमकाध्याय ...
-
पं. खे मेस्वर पुरी गोस्वामी जी की राजवंश की एक झलक विक्रमादित्य के बाद १६ पीढ़ी हमारे संप्रदाय के राजाओं ने राज किया था। समुद्र पाल पुरी ...
No comments:
Post a Comment