Sunday, October 20, 2019

आज का संदेश

*एक समय था*
        *जब "मंत्र" काम करते थे.*
                 *उसके बाद*
            *एक समय आया*
        *जब "तंत्र" काम करते थे.*
             *फिर समय आया*
      *जिसमे "यंत्र" काम करते थे.*
                      *और*
*आज के समय में कितने दुःख की बात है.*
                     *सिर्फ*
           *"षड्यंत्र" काम करते है.*
*जब तक "सत्य" घर से बाहर निकलता है.*
*तब तक "झूठ" आधी दुनिया घूम लेता है.!*
   
        *🙏शुभ: प्रभात🙏*

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