*शिकायत छोड़िए*
*शुक्रिया अदा*
*कीजिए !*
*आपके पास जितना है,*
*न जाने कितनों के पास*
*उतना भी नहीं !!*
*🙏 सुप्रभात🙏*
॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...
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