मैं स्कूल पढ़ने जाऊंगी,
खुद को गढ़ने जाऊंगी।
टीचर पाठ पढ़ाएगा,
मुन्ना खेल खिलाएगा।
सज-धज कर मैं जाऊंगी,
नई बातें सब पाऊंगी।
बस्ते में होंगी किताबें,
सुनूँगी ढेर सारी बातें।
पेंसिल से लिखूंगी नाम,
काम करूँगी बड़े तमाम।
क, ख, ग, घ का ज्ञान पाऊं,
ऊँचे सपनों को मैं सजाऊं।
गणित में जोड़-घटाना होगा,
ज्ञान का नया खजाना होगा।
खेल के मैदान में दौड़ूंगी,
जीत की डोरी को मोड़ूंगी।
दोस्त मिलेंगे प्यारे-प्यारे,
चमकेंगे हम सब तारे।
अनुशासन का पाठ पढूँगी,
ऊपर की ओर मैं बढ़ूँगी।
मेहनत करके नाम कमाऊं,
अपनी राह खुद ही बनाऊं।
टीचर का आदर मैं पाऊं,
सफलता की सीढ़ी चढ़ जाऊं।
© खेमेश्वर पुरी गोस्वामी ®
मुंगेली छत्तीसगढ़,८१२००३२८३४