योग का प्रकाश
तन-मन को जो करे स्वस्थ, योग वही वरदान है,
सच्ची शांति और खुशी का, यही सही विधान है।
बीमारी को दूर भगाए, नई शक्ति का संचार करे,
जीवन की हर बाधा को, यह सहज ही पार करे।
साँसों की लय में सिमटी, ब्रह्मांड की ये शक्ति है,
स्वयं को खुद से जोड़ने की, अनमोल यह भक्ति है।
आओ सब मिलकर अपनाएं, योग का यह पावन मार्ग,
योग ही तो है स्वस्थ जीवन का, सबसे सुंदर स्वर्ग।
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तन को दे नव स्फूर्ति,मन को दे शांति अपार।
योग ही है जीवन का,सच्चा सुखी आधार।
रोग मिटाए योग हमारा,शक्ति नई जगाता है।
स्वस्थ सुखी जीवन जीने का,राह यही दिखाता है।
सर्वाधिकार सुरक्षित : खेमेश्वर पुरी गोस्वामी
मुंगेली, छत्तीसगढ़,८१२००३२८३४
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