अज्ञान की रात मिटाई।
कबीर वाणी में है सार,
प्रेम का किया प्रसार।
छुआछूत का भेद तोड़ा,
राम नाम से नाता जोड़ा।
ऐसे संत कबीर महान,
कोटि नमन मेरा प्रणाम।
सर्वाधिकार सुरक्षित : खेमेश्वर पुरी गोस्वामी
मुंगेली, छत्तीसगढ़,८१२००३२८३४
आज़ादी के आईने में छत्तीसगढ़ का सच चौपालों पर रोजा रखते, विकास के सपने सारे, कागजों पर जगमगाते, झूठे झूठे चाँद-तारे। आज़ादी के कितने बरसों ब...
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