Sunday, January 25, 2026

वंदे मातरम् बोल : खोल दे प्रगति द्वार - खेमेश्वर पुरी गोस्वामी

खेमेश्वर पुरी गोस्वामी विरचित काव्य संग्रह : गीत वंदे मातरम् 


काल का कपाल चीरे, शत्रु का सत्व धीरे,
रण में जो वीर धीर, हुंकारते दहाड़ के।

अग्नि की लपट जैसे, इंकलाब जागे तैसे,
अस्मिता की रक्षा हेतु, बढ़े गिरि फाड़ के।।

वंदे मातरम् गूँजे, दनुज दल को जो पूँजे,
रक्त से तिलक करें, काल चक्र मोड़ के।

शीश की चढ़ा के भेंट, गुलामी की जाल मेट,
सिंह से सपूत जागे, बेड़ियाँ ये तोड़ के।।
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शौर्य का प्रतीक बना, बिजली सा वेग बना,
काँप उठी राजधानी, नारों के मरोड़ से।

सुजलां सुफलां माँ, शक्ति की स्वरूपा यहाँ,
अमृत की धार बही, क्रांति के निचोड़ से।।

वंदे मातरम् मंत्र, फूँके तंत्र-मंत्र यंत्र,
वैरी सब थर्राए, प्राणों के ही छोड़ से।

राजेंद्र ने मान दिया, राष्ट्र को विधान दिया,
गूँजता है गान अब, अंबर के छोर से।।

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कोटि-कोटि बाहु जागे, कायरता दूर भागे,
प्रलय का रूप जागे, राष्ट्र की पुकार पे।

मातृभूमि की वेदी पे, शीश चढ़े हँस-हँस,
अमिय की वर्षा हुई, खड्ग की ही धार पे।।

वंदे मातरम् गान, शत्रुओं का करे पान,
अंकुश है काल का ये, दुष्ट के प्रहार पे।

बलिदानी परम्परा, शौर्य से भरी ये धरा,
लिखी है विजय-गाथा, लहू की बौछार पे।।
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आँखों में अंगार भरे, सीने में हुंकार भरे,
वीर जो हुंकार भरे, मौत के भी द्वार पे।

झुके नहीं, रुके नहीं, काल से भी थके नहीं,
शक्ति का प्रचंड रूप, चंडी की कटार पे।।

वंदे मातरम् बोल, खोल दे विजय के द्वार,
गूँजे यह मंत्र अब, अंबर के पार पे।

अखंड है प्रचंड है, भारती का चण्ड है,
नमन है कोटि बार, माँ के ही दरबार पे।।
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उठो ओ जवान अब, थामो तुम कमान अब,
राष्ट्र का विधान अब, हाथ में तुम्हारे है।

छोड़ो तुम आलस को, तोड़ो जंजालों को,
सत्य के प्रकाश हेतु, पंथ ये पुकारे है।।

वंदे मातरम् गाओ, सोई हुई शक्ति जगाओ,
अग्रिम कतार बनो, संकट के द्वारे है।

ज्ञान की मशाल थाम, कर्म का तू कर काम,
भारत की शान तुझे, चोटी पे संवारे है।।
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बुद्धि बलवान रहे, ध्येय का ही ध्यान रहे,
ऊँचा यह निशान रहे, युगों के उजियारे में।

त्याग और तप सीख, माँगना न कोई भीख,
पुरुषार्थ को तू लिख, कर्म के गलियारे में।।

वंदे मातरम् बोल, खोल दे प्रगति द्वार,
मंजिल पुकारती है, जीत के ही नारे में।

युवा है तू देश का रे, प्राण है तू भेष का रे,
चमक तू ध्रुव जैसा, अंबर के तारे में।।

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           © खेमेश्वर पुरी गोस्वामी ®
           मुंगेली, छत्तीसगढ़, भारतवर्ष
            मोबाइल - ८१२००३२८३४

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