हवय मउसम पियार के थोरकिन पियार कर ले,
करथस ईशिक तैं कहुं त बाँह म मोला भर ले ,
चल मोर सन आज सपनाके दुनिया गिंजर ले ,
रोज मही मया कर थंव, आज तहूं मया कर ले।।
✍ पं.खेमेस्वर पुरी गोस्वामी ✍
मुंगेली छत्तीसगढ़
७८२८६५७०५७
॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...
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