बाते तो बहुत हैं दिल में यूं कहने को,
कोई जगह और नहीं है अब रहने को
दूर जाओ न श्याम छोड़ के तन्हां हमें,
खड़ी दोपहरी की अंधियारा सहने को।
"पं.खेमेश्वर पुरी गोस्वामी"
मुुंगेली छत्तीसगढ़
आज़ादी के आईने में छत्तीसगढ़ का सच चौपालों पर रोजा रखते, विकास के सपने सारे, कागजों पर जगमगाते, झूठे झूठे चाँद-तारे। आज़ादी के कितने बरसों ब...
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