Tuesday, October 9, 2018

शुभ नवरात्रि

क्या है पापी क्या है घमंडी,
मां के दर पर सभी शीश झुकाते है,
मिलता हैं चैन तेरे दर पर मैया,
झोली भर के सभी जाते है,
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
हमको या इंतजार घडी आ गई,
होकर सिंह सवार माता रानी आगई,
होगी अब मन की हर मुराद पूरी,
भरने सारे दुःख माता अपने द्वार आ गई,
🙏🙏🙏🙏🙏🙏

No comments:

Post a Comment

श्रावण मास महात्म्य स्तोत्रम (खेमेश्वर पुरी कृत)

  श्रावणमासमाहात्म्यस्तोत्रम् (खेमेश्वर पुरी कृत) नमस्तस्मै महेशाय भक्तानां वरदायिने। श्रावणस्य च मासानामधिपाय कपर्दिने॥ श्रावणो मङ्गलो मासः...