ख़ुशी पैसों पर नहीं, परिस्थितियों पर निर्भर करती है I
एक बच्चा गुब्बारा ख़रीद कर ख़ुश था, तो दूसरा उसे बेच कर.
यदि आप किसी मकसद के लिए खड़े हो, तो बृक्ष की तरह रहो।
और गिरो तो बीज की तरह, क्योकि पुनः उगकर उस मकसद को पूरा कर सको।।
आज़ादी के आईने में छत्तीसगढ़ का सच चौपालों पर रोजा रखते, विकास के सपने सारे, कागजों पर जगमगाते, झूठे झूठे चाँद-तारे। आज़ादी के कितने बरसों ब...
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