Thursday, August 22, 2019

यूं ही ....

बेहतर होगा कि आप निगाहों में रहें ...
अगर दूर हुए तो निशाने में आ जाओगी...!
©पं.खेमेश्वर पुरी गोस्वामी®
    ओज-व्यंग्य कवि-लेखक
         मुंगेली छत्तीसगढ़

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