Saturday, August 24, 2019

पाताल_लोक #मकरध्वज #ग्वाटेमाला

अमेरिका के ग्वाटेमाला शहर में खुदाई के दौरान जो हनुमान जी जैसी दिखने वाली मूर्तियां मिली है वो हनुमान की नही है।

ये मुर्तिया वास्तव में हनुमान के ही पुत्र मकरध्वज की तरफ इशारा करती हैं।

मकरध्वज को भगवान राम ने पातालपुरी.(अमेरिका) का राजा बनाया था.....इसका जिक्र वाल्मीकि और कम्बन, दोनो रामायणों में मिलता है।

रामायण काल मे अहिरावण पातालपुरी का राजा था। जिसने हनुमान के पुत्र मकरध्वज को बचपन से ही पाला था। अहिरावण वास्तव में रावण का ही चचेरा भाई था और रावण से भी ज्यादा शक्तिशाली था।

रावण ने श्री राम को मारने के लिए अहिरावण की सहायता मांगी थी। तब अहिरावण समुद्र के रास्ते आया था और प्रभू श्री राम-लक्ष्मण को किडनैप करके पातालपुरी यानी वर्तमान अमेरिका में ले गया था।
अहिरावण देवी कामना की उपासना करता था। और भगवान राम तथा लक्ष्मण की बलि वो देवी कामना को चढ़ाना चाहता था।

हनुमान ने पता लगा लिया था की श्री राम को अहिरावण ले गया है। मूर्छित राम एवम लक्ष्मण की बलि देने की तैयारी कर रहे अहिरावण को हनुमान जी ने मार दिया था। किंतु इसके पहले हनुमान जी ने अपने पुत्र मकरध्वज को बांध दिया था।

बाद में श्री राम के कहने पर हनुमान ने मकरध्वज के बंधन खोल दिये थे और श्री राम ने मकध्वस्ज को पातालपुरी का राजा घोषित करते हुए उसका राजतिलक किया था।

हमारे पुराणों में जिस पातालपुरी या पाताललोक  का जिक्र मिलता है वो वर्तमान अमेरिका ही है। ग्लोब में अमेरिका भारत के मुकाबले बेहद नीचे दिखाई देता है....

बरमूडा ट्रायंगल को रावण ने अपनी किताब "रावण-संहिता" में पाताल सागर कहा है। और ये ट्राइएंगल भी अमेरिका के पास ही पड़ता है।

अर्थात ये मुर्तिया अमेरिका में जो बंदरो की आकृति वाली निकल रही है ये निस्संदेह हनुमान के पुत्र मकरध्वज की तरफ इशारा करती है।

पृथ्वी को कही से भी खोद डालो.....सिर्फ सनातन धर्म के ही सबूत मिलेंगे.....ये रोज ही देखने को मिलता है।

                         प्रस्तुति
             "पं.खेमेश्वर पुरी गोस्वामी"
            धार्मिक प्रवक्ता-ओज कवि
          प्रदेश संगठन मंत्री एवं प्रवक्ता
   अंतरराष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी छत्तीसगढ़
      ८१२००३२८३४-/-७८२८६५७०५७

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