जख्मी हो गईं नींदे मेरी,
ख्वाबों पर ऐसा वार किया..
जिस्म तो सलामत रह गया,
मेरी रूह को तूने मार दिया..!!
©खेमेश्वर पुरी गोस्वामी®
मुंगेली - छत्तीसगढ़
८१२००३२८३४-७८२८६५७०५७
॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...
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