जख्मी हो गईं नींदे मेरी,
ख्वाबों पर ऐसा वार किया..
जिस्म तो सलामत रह गया,
मेरी रूह को तूने मार दिया..!!
©खेमेश्वर पुरी गोस्वामी®
मुंगेली - छत्तीसगढ़
८१२००३२८३४-७८२८६५७०५७
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