भरोसा करें लेकिन सावधानी के साथ
"क्योंकि हमारे खुद के दांत भी हमारी खुद की जीभ को काट लेते हैं"
🚩 जय श्री राम शुप्रभातम*🚩
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
अष्टनाग स्तोत्रम् (खेमेश्वर पुरी विरचित)
अष्टनाग स्तोत्रम् (खेमेश्वर पुरी विरचित) अनन्तस्तार्क्ष्यानुजः ख्यातः शेषो विश्वस्य धारकः। प्रथमो नागराजोऽयं पातु नः सर्वदा मुदा ॥ १ ॥ द्...
-
गोस्वामी की शव की संस्कार पुत्र या शिष्य,कुल रीति से संस्कार करें। शुद्ध जल से स्नान,भभुति, पुष्प आदि से पुजा करें! चमकाध्याय व नमकाध्याय ...
-
शिवजी की पंचवक्त्र पूजा हिन्दू सनातन धर्मका सबसे बड़ा पर्व उत्सव मतलब महाशिवरात्रि। इस महारात्रि के मध्य समय ( रात्रि के 12 बजे ) वो ही ये ...
-
पं. खे मेस्वर पुरी गोस्वामी जी की राजवंश की एक झलक विक्रमादित्य के बाद १६ पीढ़ी हमारे संप्रदाय के राजाओं ने राज किया था। समुद्र पाल पुरी ...
No comments:
Post a Comment