अभिमान तब आता है*
*जब हमे लगता है हमने कुछ काम किया है,*
*और*
*सम्मान तब मिलता है जब दुनिया को लगता है, कि आप ने कुछ महत्वपूर्ण काम किया है*
*जो दूसरों को इज़्ज़त देता है*
*असल में वो खुद इज़्ज़तदार होता है*
*क्योकि*
*इंसान दूसरो को वही दे पाता है*
*जो उसके पास होता है।*
Sunday, September 29, 2019
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आज़ादी के आईने में छत्तीसगढ़ का सच
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