तूफान में कश्तीयां डूब जाती है..!
अहंकार में हस्तियां डूब जाती है..!
जीते जी इंसान की प्यास कभी नही बुझती..!
इसलिए नदी में अस्थियां डूब जाती है..!!
🏵🚩 सुप्रभात सादर वंदन 🚩🏵
॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...
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