Thursday, October 3, 2019

आज का संदेश

          *जय मां शारदे*
         *एक कहावत है कि*
      *"नियति को कोई नहीं टाल सकता"*
*मैं भी इस बात को स्वीकार करता हूं लेकिन यदि आप नियति को टालने के प्रयास अथवा प्रयोजन ढूंढते हैं तो बिल्कुल संभव नहीं है नियति को टालना,लेकिन यदि आप इन सब में समय गंवाने के बजाय "अच्छे कर्म करते हैं परोपकार करते हैं किसी का बुरा नहीं चाहते हैं" तो नियति को टालने की जरूरत नहीं होगी.*

*बल्कि "नियति ही स्वयं को टाल देगी".*

*शुभ प्रभात आपका दिन मंगलमय हो*

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