गजब बिटामन भरे हुए हैं, छत्तीसगढ़ के बासी में!!
©पं.खेमेश्वर पुरी गोस्वामी®
ओज व्यंग्य कवि
डिंडोरी मुंगेली छत्तीसगढ़
8120032834/7828657057
आज़ादी के आईने में छत्तीसगढ़ का सच चौपालों पर रोजा रखते, विकास के सपने सारे, कागजों पर जगमगाते, झूठे झूठे चाँद-तारे। आज़ादी के कितने बरसों ब...
No comments:
Post a Comment