Wednesday, May 6, 2020

छत्तीसगढ़ के बासी

बासी के गुण कहुं कहां तक ,इसे न टालो हांसी में।
गजब बिटामन भरे हुए हैं, छत्तीसगढ़ के बासी में!!

               ©पं.खेमेश्वर पुरी गोस्वामी®
                      ओज व्यंग्य कवि
                 डिंडोरी मुंगेली छत्तीसगढ़
            8120032834/7828657057

No comments:

Post a Comment

सरस्वती वंदना

॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...