गजब बिटामन भरे हुए हैं, छत्तीसगढ़ के बासी में!!
©पं.खेमेश्वर पुरी गोस्वामी®
ओज व्यंग्य कवि
डिंडोरी मुंगेली छत्तीसगढ़
8120032834/7828657057
॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...
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