Friday, September 14, 2018

हमसे जलने लगे हैं।

जब से उनके सामने, मुझसे कोई और भी मिलने लगे हैं,
कल तक मानते जो अपने थे वो ही दूरियां बढ़ाने लगे हैं।
लोगों के दिल में, मोहब्बत हमारी जो , कुछ छपने लगे हैं,
बू आ रही है,दूर तलक,क्या,सनम भी हमसे जलने लगे हैं।

©✍पं.खेमेश्वर पुरी गोस्वामी✍®
          मुंगेली - छत्तीसगढ़
           ७८२८६५७०५७

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