Sunday, January 13, 2019

वो लम्हे

मेरे-पास-तू-अपना
          थोडा-अहसास-रहने-दे...

इक-बूंद-समझके-मुझको
          थोडी-सी-प्यास-रहने-दे...

गुजरे-लम्हों-से-चुराई-है
         मैने-इक-इक-तस्वीर-यादो-की....

सिमटी-हुई-इन-यादो-को-तो
                तू-मेरे-पास-रहने-दे.....!!!!!

No comments:

Post a Comment

श्रावण मास महात्म्य स्तोत्रम (खेमेश्वर पुरी कृत)

  श्रावणमासमाहात्म्यस्तोत्रम् (खेमेश्वर पुरी कृत) नमस्तस्मै महेशाय भक्तानां वरदायिने। श्रावणस्य च मासानामधिपाय कपर्दिने॥ श्रावणो मङ्गलो मासः...