मेरे-पास-तू-अपना
थोडा-अहसास-रहने-दे...
इक-बूंद-समझके-मुझको
थोडी-सी-प्यास-रहने-दे...
गुजरे-लम्हों-से-चुराई-है
मैने-इक-इक-तस्वीर-यादो-की....
सिमटी-हुई-इन-यादो-को-तो
तू-मेरे-पास-रहने-दे.....!!!!!
॥ भगवती सरस्वती वंदना ॥ श्वेत पदमासना माँ, ज्ञान की प्रकाश पुंज, वीणा कर सोहै शुभ, रागिनी रसाल है। हंस की सवारी साजे, मंद-मंद मुसक्याँहि, वा...
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