मेरे-पास-तू-अपना
थोडा-अहसास-रहने-दे...
इक-बूंद-समझके-मुझको
थोडी-सी-प्यास-रहने-दे...
गुजरे-लम्हों-से-चुराई-है
मैने-इक-इक-तस्वीर-यादो-की....
सिमटी-हुई-इन-यादो-को-तो
तू-मेरे-पास-रहने-दे.....!!!!!
श्रावणमासमाहात्म्यस्तोत्रम् (खेमेश्वर पुरी कृत) नमस्तस्मै महेशाय भक्तानां वरदायिने। श्रावणस्य च मासानामधिपाय कपर्दिने॥ श्रावणो मङ्गलो मासः...
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