मेरे-पास-तू-अपना
थोडा-अहसास-रहने-दे...
इक-बूंद-समझके-मुझको
थोडी-सी-प्यास-रहने-दे...
गुजरे-लम्हों-से-चुराई-है
मैने-इक-इक-तस्वीर-यादो-की....
सिमटी-हुई-इन-यादो-को-तो
तू-मेरे-पास-रहने-दे.....!!!!!
सेल्फी खिंचवाते रहे, रिबन कटवाते रहे, मुख्य अतिथि बन, मंच चमकाते हैं। क्षेत्र में न दिखें कभी, दिल्ली में विलासी बनें, जनता की भीड़ देख, हाथ ...
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