मेरे-पास-तू-अपना
थोडा-अहसास-रहने-दे...
इक-बूंद-समझके-मुझको
थोडी-सी-प्यास-रहने-दे...
गुजरे-लम्हों-से-चुराई-है
मैने-इक-इक-तस्वीर-यादो-की....
सिमटी-हुई-इन-यादो-को-तो
तू-मेरे-पास-रहने-दे.....!!!!!
आज़ादी के आईने में छत्तीसगढ़ का सच चौपालों पर रोजा रखते, विकास के सपने सारे, कागजों पर जगमगाते, झूठे झूठे चाँद-तारे। आज़ादी के कितने बरसों ब...
No comments:
Post a Comment