Friday, May 8, 2020

जब याद वो पगली आती है

जब याद वो पगली आती है
दिल   में    तूफान उठाती है 

आँखें भी बरसने  लगती  हैं
रग  रग में  उदासी  छाती है

उसके पागलपनकी ये अदा
मेरे   दिल  को भरमाती   है 

उसकी भोली सूरत दिल पर
बिजली सी रोज़  गिराती  है 

मुद्दत  से   मिलते  आये   हैं
लेकिन अब तक शरमाती है

वो  भी  करती है  याद  मुझे 
मेरी   हिचकी   बतलाती  है 

          ©"पं.खेमेश्वर पुरी गोस्वामी"®
            धार्मिक प्रवक्ता-ओज कवि
             डिंडोरी-मुंगेली-छत्तीसगढ़
       8120032834/7828657057

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