Tuesday, December 30, 2025

नव वर्ष का स्वागत

सुनहरी धूप का आँचल, नया आकाश आया है,
पुरानी याद को तज कर, नया विश्वास आया है।
मिले खुशियाँ नए पथ पर, मिटे सब द्वेष के साये,
सफलता चूम ले माथा, हृदय में हर्ष भर जाए।
दुआ है हर कदम पर अब, नवल मुस्कान खिलती हो,
मिले जो लक्ष्य आँखों में, वही मंजिल भी मिलती हो।
समय की रश्मियों से हम, नया इतिहास लिखेंगे,
उमंगों के नए रंग अब, चहुँ ओर ही दिखेंगे।


© खेमेश्वर पुरी गोस्वामी ®

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