एक मैं हूँ जो थक गया अलफाज़ ढूंढ ढूंढ कर
और वो हैं कि खरीदे हुए गुलाब से इज़हार कर गये.
आज़ादी के आईने में छत्तीसगढ़ का सच चौपालों पर रोजा रखते, विकास के सपने सारे, कागजों पर जगमगाते, झूठे झूठे चाँद-तारे। आज़ादी के कितने बरसों ब...
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